कर्नाटक

स्वर्ण नदी में तैरते समय दो युवकों की डूबने से मौत, दोस्तों के साथ पहुंचे थे हरमुंडे

Kavita2
30 Sept 2026 11:49 AM IST
स्वर्ण नदी में तैरते समय दो युवकों की डूबने से मौत, दोस्तों के साथ पहुंचे थे हरमुंडे
x

करकला। कर्नाटक के करकला के पास हीरगन गांव के हरमुंडे इलाके में मंगलवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। स्वर्ण नदी में तैरने गए पांच दोस्तों में से दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 29 वर्षीय भरत पुजारी और 23 वर्षीय हर्षन आचार्य के रूप में हुई है। दोनों हीरगन के रहने वाले थे। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है और दोनों युवकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के मुताबिक भरत और हर्षन अपने तीन अन्य दोस्तों के साथ मंगलवार को स्वर्ण नदी में तैरने के लिए गए थे। हरमुंडे स्थित नदी के उस हिस्से तक पहुंचना आसान नहीं बताया जा रहा है। पांचों दोस्तों ने मंगलारू की ओर से कठिन रास्ते से करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर नदी तक पहुंचने का फैसला किया था।

नदी के किनारे पहुंचने के बाद सभी दोस्त पानी में उतर गए। इसी दौरान भरत और हर्षन गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी की गहराई और पानी की स्थिति के कारण वे दोनों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल सके।

दो युवकों के पानी में लापता होने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों को सूचना दी गई। इसके बाद बचाव के प्रयास शुरू हुए। स्थानीय लोगों और संबंधित टीमों की मदद से नदी में दोनों युवकों की तलाश की गई। काफी मशक्कत के बाद उनके शव बरामद किए गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ गए तीन दोस्तों से भी घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की गई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पांचों युवक घूमने और तैरने के उद्देश्य से नदी तक पहुंचे थे। जिस स्थान पर वे गए थे, वहां तक पहुंचने के लिए सामान्य सड़क मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें करीब दो किलोमीटर कठिन रास्ते से चलना पड़ा। यह इलाका प्राकृतिक सुंदरता के कारण युवाओं को आकर्षित करता है, लेकिन नदी में गहराई और पानी के बहाव का सही अंदाजा नहीं होने पर जोखिम बढ़ सकता है।

भरत पुजारी और हर्षन आचार्य की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवारों में मातम छा गया। दोनों युवक स्थानीय निवासी होने के कारण आसपास के लोग भी परिवारों को सांत्वना देने पहुंचे। अचानक हुए हादसे से उनके दोस्त भी सदमे में हैं।

नदी में तैरने के दौरान होने वाले हादसों में अक्सर पानी की गहराई का अंदाजा न होना बड़ी वजह बनती है। कुछ स्थान ऊपर से शांत दिखाई देते हैं, लेकिन अंदर गहरे गड्ढे या तेज धार हो सकती है। ऐसे में तैरना जानने वाले व्यक्ति के लिए भी स्थिति खतरनाक हो सकती है।

बारिश के मौसम और उसके बाद नदियों के जलस्तर में बदलाव के कारण कई स्थानों पर पानी की गहराई सामान्य से अधिक हो जाती है। नदी के तल में मौजूद चट्टानें, गड्ढे और अचानक बदलता बहाव भी खतरा बढ़ाते हैं। अनजान स्थानों पर बिना सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है।

हरमुंडे में हुए हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। यदि किसी स्थान पर अक्सर लोग घूमने या नहाने पहुंचते हैं तो वहां पानी की गहराई और खतरनाक क्षेत्रों को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को नदी के संवेदनशील हिस्सों की जानकारी नहीं होती। कई बार लोग प्राकृतिक स्थलों पर पहुंचने के बाद उत्साह में गहरे पानी में चले जाते हैं। ऐसे स्थानों पर स्थानीय चेतावनी और सुरक्षा संबंधी जानकारी हादसों को रोकने में मददगार हो सकती है।

घटना के बाद पुलिस ने लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। नदी, झरने या अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों में जाने से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां प्रशिक्षित लाइफगार्ड या अन्य बचाव सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

हादसे में सुरक्षित बचे तीन दोस्तों के लिए भी यह घटना बेहद दुखद रही। कुछ ही समय पहले सभी दोस्त साथ नदी तक पहुंचे थे, लेकिन वापस लौटते समय दो साथी उनके साथ नहीं थे। इस घटना से पूरे समूह और उनके परिचितों में गहरा सदमा है।

दोनों शव बरामद होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस मामले को दुर्घटनावश डूबने की घटना के तौर पर जांच रही है और आवश्यक जानकारी दर्ज की जा रही है।

करकला के पास स्वर्ण नदी में हुई इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक जलस्रोतों पर सावधानी की जरूरत को सामने रखा है। मौज-मस्ती और तैरने के लिए नदी में उतरना भरत पुजारी और हर्षन आचार्य के लिए जानलेवा साबित हुआ। दोनों युवकों की मौत से हीरगन गांव में शोक की लहर है और परिवारों ने अपने युवा सदस्यों को खो दिया है।

Next Story